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VOL. 3, ISSUE 4 (2018)
चित्रकूट धाम : पर्यटन में आर्थिक विकास और वर्तमान प्रवृत्ति का अध्ययन
Authors
डाॅ0 जितेन्द्र सिंह
Abstract
मध्यप्रदेश के चित्रकूट अंचल में भौगोलिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से अनेक आकर्षण विद्यमान है। इन आकर्षणों को देखते हुए क्षेत्र को आकर्षक पर्यटन प्रदेश की तरह एक आकर्षक पर्यटन स्थल होना चाहिए था, किन्तु ऐसा नही हो पाया है। इन्हीं समस्याओं एवं संभावनाओं का पता लगाना तथा पर्यटन एवं तीर्थ यात्रा के प्राचीन स्वरूप में आने वाले परिवर्तन का अध्ययन इस शोध पत्र का प्रमुख उद्देश्य है।
किसी भी देश के आर्थिक विकास में पर्यटन के योगदान की सही माप करने में अनेक समस्यायें व सीमायें विद्यमान है। इनके बाद भी आर्थिक विकास में पर्यटन महत्वपूर्ण योगदान करता है सर्व प्रथम यह देश में आय और रोजगार के स्तर में वृद्धि करता है। पर्यटन के कारण देश में परिवहन, आवास, भोजन जैसी आधारित सुविधाओं के उपलब्ध कराने में सम्बद्ध व्यक्तियों की आय बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त मार्गदर्शक (गाइड), फोटोग्राफर, फोटोग्राफी से सम्बन्धित वस्तुओं के विक्रेताओं, पिक्चर पोस्टकार्ड, कलात्मक सजावटी वस्तुयें, पारम्परिक वस्त्रों व आभूषणों तथा इसी प्रकार अन्य वस्तुओं के उत्पादन और विक्रय से जुड़े व्यक्तियों की आय भी पर्यटन के कारण बढ़ जाती है। आय के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होती है। रोजगार के अवसर पर्यटन से जुड़ी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार की क्रियाओं के विस्तार से उत्पन्न होते है।
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Pages:109-112
How to cite this article:
डाॅ0 जितेन्द्र सिंह "चित्रकूट धाम : पर्यटन में आर्थिक विकास और वर्तमान प्रवृत्ति का अध्ययन". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 4, 2018, Pages 109-112
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