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International Journal of
Advanced Research and Development

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VOL. 3, ISSUE 2 (2018)
आधुनिक सन्दर्भ में श्रीमद्रामगीता में वर्णित राजनीति की प्रासंगिकता
Authors
Dr. Seema Saini
Abstract
असीम संवेदनाओं की वह अभिव्यक्ति ही साहित्य है, जिसमें रचनाकार शब्द और अर्थ की तूलिका से अपने मानस पटल पर स्थित संवेदनाओं के चित्र उकेरता है और जब वह उसे समाज के हाथों में सौपता है तब वह अपने आप को कृतकृत्य मानता है। ऐसे ही मनस्वी हैं आधुनिक संस्कृत विद्वान् डाॅ. गौतम जिन्होंने इन आठ सौ श्लोकों का अनुशीलन अपनी दृष्टि से किया और उसे नाम दिया है श्रीमद्रामगीता। उक्त ग्रन्थ में आठ सौ श्लोक हैं जो अठ्ठारह अध्यायों में विभक्त हैं। रचनाकार द्वारा इन श्लोकों का संकलन बड़ी ही कुशलता के साथ किया गया है। अपनी सूक्ष्मदृष्टि से उन यथार्थों का चिन्तन डाॅ. गौतम ने किया है जो लोकहित में अत्यन्त ही उपादेय हंै। प्रस्तुत शोध आलेख में श्रीमद्रामगीता का राजनैतिक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
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Pages:1794-1796
How to cite this article:
Dr. Seema Saini "आधुनिक सन्दर्भ में श्रीमद्रामगीता में वर्णित राजनीति की प्रासंगिकता". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 2, 2018, Pages 1794-1796
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