Logo
International Journal of
Advanced Research and Development

Search

ARCHIVES
VOL. 3, ISSUE 2 (2018)
वाल्मीकि रामायण में लोकभावना
Authors
डाॅ0 योगिता
Abstract
जगत् की विविध भाषाओं में जो उच्चकोटि के महाकाव्य हैं, उनमें वाल्मीकीय रामायण का सर्वोत्तम स्थान है। जिस आस्तिकता, धार्मिकता, प्रभुशक्ति, उदात्त एवं दिव्यभावनाओं और उच्च नैतिक आदर्शों तथा उपदेशों का वर्णन रामायण में मिलता है उसका अन्यत्र मिलना दुर्लभ है। यह पवित्र ग्रन्थ प्राचीन आर्य सभ्यता एवं संस्कृति का दर्पण है। इसमें प्रदत्त उपदेश वर्तमानकालीन समाज के कल्याण में सहायक हैं। प्रस्तुत शोधपत्र का मुख्य उद्देश्य रामायण में प्रमुख स्थानों पर दर्शाए गए उपदेशों का वर्णन करना है।
Download
Pages:631-632
How to cite this article:
डाॅ0 योगिता "वाल्मीकि रामायण में लोकभावना". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 2, 2018, Pages 631-632
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.