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VOL. 3, ISSUE 1 (2018)
कबीर : एक समाज सुधारक के रूप में
Authors
उपासना
Abstract
”कबीर एक युगद्रष्टा तथा क्रांतिकारी कवि थे। राजनैतिक वातावरण में सजीव सामाजिक और धार्मिक सिद्धान्तों के प्रवर्तक कबीर ने प्राचीन मान्यताओं का खण्डन किया और समाज में परिवर्तन की धारा को प्रवाहित किया था। कबीर ने ज्ञान के हाथी पर चढ़कर सामाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक चेतना जागृत करने का प्रयत्न किया।“ कबीरदास को समाज से घृणा, तिरस्कार, अपमान और अवहेलना ही मिली। कबीर एक विद्रोही कवि बन गए। उन्होंने समाज की रूढ़ियों तथा आडंबरों का विरोध किया।
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Pages:920-922
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उपासना "कबीर : एक समाज सुधारक के रूप में". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 1, 2018, Pages 920-922
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