Logo
International Journal of
Advanced Research and Development

Search

ARCHIVES
VOL. 5, ISSUE 1 (2020)
कबीर की उलटवाँसियों पर गोरखनाथ का प्रभाव
Authors
डाॅ॰ सरिता चैहान
Abstract
हिन्दी साहित्य के इतिहास में मध्यकालीन निर्गुण संतों की वाणी में रहस्यात्मकता का गहरा पुट देखने को मिलता है। साम्प्रदायिक, साधनात्मक एवं वैचारिक अनुभूतियों की अभिव्यक्ति की दुरूहता के कारण इनकी वाणी में गुह्यता बढ़ती चली गई। संत कवियों ने अपनी रहस्यात्मक अनुभूतियों को विरोधात्मक प्रतीक योजना तथा सांकेतिक शैली के माध्यम से अभिव्यक्त किया। ऐसी गुह्यकृच्छ उक्तियों को उलटवाँसी शब्द से व्यवह्नत किया जाने लगा। कबीर द्वारा रचित उलटवाँसियों ने एक ओर परवर्ती संतों को बहुत अधिक प्रभावित किया तो दूसरी ओर कबीर स्वयं नाथांे विशेष रूप से गोरखनाथ की ‘उलटी चरचा’ से प्रभावित हुए।
Download
Pages:70-73
How to cite this article:
डाॅ॰ सरिता चैहान "कबीर की उलटवाँसियों पर गोरखनाथ का प्रभाव". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 5, Issue 1, 2020, Pages 70-73
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.