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VOL. 3, ISSUE 6 (2018)
बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन की सूचना शासन, प्रशासन और स्वयमसेवी संस्थाओं को न देने के कारण: एक अध्ययन
Authors
ओमपाल सिंह, डाॅ0 हेमेन्द्र सिंह
Abstract
समाज में अनेक प्रकार घटनाएँ बच्चों के प्रति घटित होती रहती हैं । इन घटनाओं में कुछ घटनाएँ सामाजिक रूप से स्वीकार्य होती हैं और कुछ घटनाएँ सामाजिक रूप से अस्वीकार्य होती हैं । इन अस्वीकार्य घटनाओं में बच्चों के प्रति भ्रष्टाचार और उन के साथ होने वाले कुकृत्य की घटनाएँ हैं। बच्चों के प्रति भ्रष्टाचार और उन के साथ होने वाले कुकृत्य समाज के परिमार्जन के दृष्टिकोण से अत्यधिक निन्दनीय हैं; क्यों कि, बच्चे ही देेश का भविष्य होते हैं और वे ही देेश की बौद्धिक-सम्पदा में परिवर्तित होते हैं । देेश की बौद्धिक-सम्पदा ही देेश के विकास के पथ को प्रशस्त करती है । परन्तु, परिवार और विद्यालय बच्चों के प्रति होने वाले भ्रष्टाचार और कुकृत्य की घटनाओं की सूचनाओं को अपनी ‘प्रतिष्ठा’ के कारण शासन, प्रशासन और स्वयमसेवी संस्थाओं तक न पहुँचने का यथेष्ट प्रयास करते हैं; फलतः, उन्हें भ्रष्टाचार और कुकृत्य की सूचनाएँ प्राप्त नहीं होती हैं।
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Pages:41-43
How to cite this article:
ओमपाल सिंह, डाॅ0 हेमेन्द्र सिंह "बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन की सूचना शासन, प्रशासन और स्वयमसेवी संस्थाओं को न देने के कारण: एक अध्ययन". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 6, 2018, Pages 41-43
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