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VOL. 3, ISSUE 4 (2018)
देवनागरी लिपि का उद्भव एवं विशेषताएं
Authors
विनीता शर्मा
Abstract
हिन्दी भाषा की लिपि देवनागरी है। देवनागरी लिपि का जन्म ब्राह्मी लिपि से हुआ है। ब्राह्मी संसार की सबसे प्राचीन ध्वनि लिपि है। गौरीशंकर हरीचन्द ओझा के अनुसार ब्राह्मी लिपि का आविष्कार आर्यों ने ही किया था। वैदिक संस्कृत और संस्कृत इसी लिपि में लिखी जाती थीं। लिपि की आवश्यकता है क्योकि
- संज्ञानात्मक कारक रचनात्मकता और भाषा की क्षमता इसमें शामिल हैै।
- गैर-संज्ञानात्मक कारक इसमें स्वयं अवधारणा, समायोजन और आकांक्षा के स्तर जैसे चर शामिल हैं, प्रेरणा, योग्यता, चिंता मूल्य और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है।
- गृह पर्यावरणीय कारक इसमें जनसांख्यिकीय चर शामिल हैं सामाजिक आर्थिक स्थिति, आवासीय पृष्ठभूमि, अभिभावकीय आकांक्षा और उम्मीदें, आदि।
- सामाजिक पर्यावरणीय कारक इसमें व्यक्तित्व, रवैया, शिक्षण की पद्धति, पाठ्यक्रम, स्कूल के भावनात्मक जलवायु आदि शामिल हैं।
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Pages:212-213
How to cite this article:
विनीता शर्मा "देवनागरी लिपि का उद्भव एवं विशेषताएं". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 4, 2018, Pages 212-213
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