ARCHIVES
VOL. 3, ISSUE 3 (2018)
डाॅ0 मनमोहन सिंह का प्रधानमंत्रित्व काल का समीक्षात्मक अध्ययन
Authors
आरती द्विवेदी, डाॅ0 गायत्री मिश्रा
Abstract
डाॅ. मनमोहन सिंह अपनी गठबन्धन सरकार में सोनिया गांधी की भूमिका को लेकर विशेषज्ञों ने भले ही कुछ भी राय दी हो परन्तु इसे उत्तरदायित्वों का उचित विभाजन कहना अधिक युक्ति संगत होगा। प्रधानमंत्री के तौर पर डाॅ. मनमोहन सिंह का कार्यकाल साक्षी है कि राष्ट्रहित के मामलों में उन्होंने सदा सामने आकर अपनी योग्यता, प्रतिभा और अनुभव का परिचय दिया है। डाॅ. सिंह अधिक बोलना पसन्द नहीं करते थे, वे हमेशा भारतीय राजनीति में शामिल होकर प्रधानमंत्री के पद में रहकर भारतीय अर्थव्यवस्था को सुधारने एवं देश की आम जनता के विकास के लिए जुटे रहे। राजनीति में विपक्षी पार्टी डाॅ. सिंह पर भले ही कुछ आरोप प्रत्यारोप लगाती रही किन्तु उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में आठ प्रतिशत वृद्धि के सरकार के लक्ष्य को पूर्ण करने में सफल रहे।
आर्थिक मामलों में डाॅ. मनमोहन सिंह की जितनी भूमिका देश के लिए रही शायद वर्ष 1951 से लेकर वर्तमान तक किसी भी नेता में नहीं पाई गई। कुशल व्यक्तित्व के धनी अर्थशास्त्र के चाणक्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के अर्थशास्त्री, आर्थिक विचारक डाॅ. मनमोहन सिंह ने वर्ष 1991 में भारतीय अर्थव्यवस्था को डूबने से बचाकर पटरी पर लाने में सफलता हासिल की है।
भारत को उन्नति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए मनमोहन सिंह ने कई मजबूत कदम उठाये तथा जिसे देश की जनता को तो लाभ हुआ भी साथ ही सम्पूर्ण विश्व अथवा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत एक मजबूत राष्ट्र बनकर उभरा है। पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह का दूसरी बार लगातार प्रधानमंत्री (2009 से मई 2014) के पद पर निर्वाचित होना यह स्वतः प्रमाणित कर देता है कि डाॅ. मनमोहन सिंह एक लोकप्रिय नेता, उदारीकरण के जनक, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के अर्थशास्त्री होने के साथ-साथ एक सफल प्रधानमंत्री भी रहे हैं।
Download
Pages:145-153
How to cite this article:
आरती द्विवेदी, डाॅ0 गायत्री मिश्रा "डाॅ0 मनमोहन सिंह का प्रधानमंत्रित्व काल का समीक्षात्मक अध्ययन". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 3, 2018, Pages 145-153
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.
