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VOL. 3, ISSUE 2 (2018)
उच्च माध्यमिक स्तर की विभिन्न वर्गो की बालिकाओं की आज्ञाकारिता-अवज्ञाकारिता प्रवृति एवं विद्यालय सन्तुष्टि का अध्ययन
Authors
डाॅ. गीता दहिया
Abstract
शिक्षा विकास का आधार स्तंभ होती हैं, इसलिए प्रत्येक वर्ग को शिक्षा के समान अवसर सुलभ होने चाहिये जिससे सभी की सक्रिय भागीदारी समाज एवं राष्ट्र के विकास में एक नागरिक के रूप में सुनिश्चत हो सके। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (2009) में भी शिक्षा के सार्वभौमिकरण की आवश्यकता को महसूस करते हुये प्रत्येक वर्ग को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने पर बल दिया गया, परंतु वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य पर दृष्टिपात करें तो यह पता चलता है कि विद्यालयी शिक्षा का लाभ अभी प्रत्येक वर्ग के बच्चों को पूर्णरूप से नहीं मिल पाया हैं। विशेष कर बालिकाओं को यद्पि अनसूचित जाति व जनजाति की शिक्षा के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं को भी लागू किया गया हैं, परंतु व्यावहारिक रूप में इसका क्रियान्वयन अभी भी पूर्णरूप से नहीं हो सका हैं। यही कारण है कि इस दिशा में अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो सके हैं। शिक्षा को जब हम बालक के सर्वागीण विकास से जोड़ते है तो शिक्षा से मूल्य निर्माण की अपेक्षा और बढ़ जाती हैं। कोई भी समाज या राष्ट्र मूल्यों से अलग होकर भौतिक संसाधन का विकास भले ही कर ले लेकिन वह एक सभ्य समाज के दायरे से बाहर हो जाता है इसलिए मूल्य आधारित शिक्षा की उचित व्यवस्था हो। प्रस्तुत शोध प्रपत्र में विभिन्न वर्गो की बालिका की आज्ञाकारिता-अवज्ञाकारिता प्रवृति व विद्यालय सन्तुष्टि को जानकर उनकी भावी आवश्यकताओं तथा इनकी शिक्षा के गुणात्मक उन्नयन हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सुझावों को उल्लिखित किया गया हैं, जिससे उनकी शिक्षा की स्थिति को सर्वव्यापी एवं बेहतर बनाने के लिये सार्थक प्रयास किये जा सकें।
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Pages:1249-1255
How to cite this article:
डाॅ. गीता दहिया "उच्च माध्यमिक स्तर की विभिन्न वर्गो की बालिकाओं की आज्ञाकारिता-अवज्ञाकारिता प्रवृति एवं विद्यालय सन्तुष्टि का अध्ययन". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 2, 2018, Pages 1249-1255
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