Logo
International Journal of
Advanced Research and Development

Search

ARCHIVES
VOL. 3, ISSUE 2 (2018)
यशपाल की रचनाओं में राष्ट्रीयता
Authors
डाॅ0 राजकुमार
Abstract
यशपाल स्वाधीनता-संग्राम में क्रांतिकारी धारा के अग्रणी योद्धा और लेखक रहे। कहा जाता है कि यशपाल जी उन साहित्यकारों में हैं, जो कलम और तलवार चलाने में समान सफलता प्राप्त कर चुके हैं। यशपाल की दृष्टि में साहित्य का उद्देश्य मानव जीवन का विकास करना है। समस्या से मुक्ति पाने के लिए ही क्रांति का उद्भव होता है। क्रांति की यह भावना प्रथम उपन्यास ‘दादा कामरेड’ से अद्भुत होती है, अन्तिम उपन्यास ‘मेरी तेरी उसकी बात’ में फलीभूत होती है।
Download
Pages:1346-1348
How to cite this article:
डाॅ0 राजकुमार "यशपाल की रचनाओं में राष्ट्रीयता". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 2, 2018, Pages 1346-1348
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.