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International Journal of
Advanced Research and Development

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VOL. 3, ISSUE 2 (2018)
मेघदूतम् में वैज्ञानिक तत्त्व
Authors
डॉ0 अशोक कुमार दुबे
Abstract
यह वैज्ञानिक युग है। यहाँ विज्ञान की महत्ता का वर्णन करना अनावश्यक है। क्योंकि आजकल चारों ओर उसी की चर्चा है; सर्वत्र उसके कौशल दिखाई पड़ते हैं। हमारे भारतवर्ष में कभी विज्ञान की चर्चा थी या नहीं, इसका निणर्य करना कठिन है। आर्यसमाजियों ने वेदों से कई वैज्ञानिक बातें ढूँढ़ निकाली है। पण्डित भीमसेन शर्मा ने भी अपने पत्र द्वारा वैदिक काल की कई वैज्ञानिक बातें सुनाई हैं। पर उनकी बातों पर लोगों को विश्वास नहीं होता। वे कहते हैं कि यदि वेद में विज्ञान है तो पाश्चात्य विज्ञान का प्रसार होने के पहले इन लोगों ने वेदों से विज्ञान की प्राचीनता क्यों न सिद्ध की? जिस प्रकार सिद्धान्त पहले थे वैसे ही आज भी हैं और प्राचीन तथा नवीन प्रक्रियाएँ एक सी हैं। विज्ञान की बातों को प्राचीनों ने पौराणिक रूप दे दिया गया है, जिसमें उनमें वैज्ञानिक तथ्य अवश्य हैं।
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Pages:292-293
How to cite this article:
डॉ0 अशोक कुमार दुबे "मेघदूतम् में वैज्ञानिक तत्त्व ". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 2, 2018, Pages 292-293
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