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VOL. 3, ISSUE 1 (2018)
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिला में जल प्रदूषण जनित रोगों का भौगोलिक अध्ययन
Authors
डाॅ0 कल्पना खरे
Abstract
पर्यावरण एव पारिस्थितिकी तंत्र की रचना में जल का महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह एक जीवनदायिनी तत्व है, जिसका विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग होता है। स्वच्छ जल जहाँ जीवन का आधार होता है, वहीं प्रदूषित जल मानव शरीर पर विभिन्न व्याधियों / रोगों के उद्भव का कारण बनता है। जल प्रदूषण का मानव स्वास्थ्यपर क्या प्रभाव पड़ता है, इसके अध्ययन के लिए म.प्र. के छतरपुर जिला का चयन करते हुए जल प्रदूषण जनित विभिन्न रोगों का द्वितीयक आंकड़ों की मदद से अध्ययन किया गया है।
अध्ययन क्षेत्र में पाये जाने वाले जल जनित रोगों में पीलिया, कालरा, ग्रेस्टाइटिस एवं डायरिया प्रमुख है। उक्त रोगों से जिले में 40430 व्यक्ति वर्ष 2010 में रोग ग्रस्त हुये, जिसका प्रभाव इनके कार्यक्षमता पर पड़ा। कार्यक्षमता प्रभावित न हो, इसके लिये जलजनित रोगों के नियंत्रण की आवश्यकता है जो जल प्रदूषण को श्रोत स्थल पर नियंत्रित कर की जा सकती है।
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Pages:773-778
How to cite this article:
डाॅ0 कल्पना खरे "मध्यप्रदेश के छतरपुर जिला में जल प्रदूषण जनित रोगों का भौगोलिक अध्ययन". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 1, 2018, Pages 773-778
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