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VOL. 2, ISSUE 6 (2017)
स्वच्छ भारत अभियान में अलवर जिले की भूमिका
Authors
डाॅ0 पपलीराम, डाॅ0 नरेन्द्र सीमतवाल
Abstract
भारतीय समाज में सभी लोग सुखी रहें की भावना निहित रही हैं, इस कारण हमारे ऋषियों और मनीषियों ने मानव जीवन को सुखी बनाने के लिए अनेक उपाय किये है। जिसमें स्वच्छता का भी अपना महत्वपूर्ण स्थान है। आज व्यक्ति अनेक समस्याओं, तनावों, कुंठाओं, बीमारियों, विषादों और चिन्ताओं से घिरा हुआ है। इन समस्याओं के निदान के लिए सरकार अनेक प्रकार के समाधान खोजने का प्रयास करती रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को सवच्छ भारत अभियान की शुरूआत की, जिसका सपना महाम्मा गांधी द्वारा देखा गया था। स्वच्छ भारत अभियान का मुख्य उद्धेश्य गलियों, सडकों तथा अधोसंरचना को साफ सुथरा करना है एवं व्यक्ति कलस्टर और सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के माध्यम से खुले शौच कम करना या समाप्त करना है।स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने तीन भागों में विभाजित किया है 1. शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान 2. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान 3. स्वच्छ भारत, स्वच्छ विद्यालय अभियान। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर समग्र सवच्छता अभियान देश के सभी राज्यों में सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा चलाया जा रहा है। राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सनराइज विश्वविद्यालय ने भी स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए ’ग्रामीण स्वच्छता अभियान’ चलाया है। इस अभियान में सनराइज विश्वविद्यालय की टीम ने अलवर जिले की रामगढ, लक्ष्मणगढ, राजगढ, मालाखेडा, किशनगढ, तहसील के ग्राम पंचायत मुख्यालयों तथा घनी आबादी वाले गाॅवों की गलियों, सडकों, नालियों तथा विद्यालयोें में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों के सहयोग से साफ-सफाई की पहल की। इस ग्रामीण स्वच्छता अभियान के माध्यम से ग्रामवासियों को स्वच्छता के लिए जाग्रति पैदा करना, शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करना तथा इसमें भागीदारी निभाकर आमजन को स्वस्थ रहने का सुगम तरीका समझाने के प्रयास किये गये हैं।
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Pages:803-808
How to cite this article:
डाॅ0 पपलीराम, डाॅ0 नरेन्द्र सीमतवाल "स्वच्छ भारत अभियान में अलवर जिले की भूमिका". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 2, Issue 6, 2017, Pages 803-808
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